विजय माल्या नीरव मोदी ललित मोदी इन तीनों में दो चीज कॉमन हैं, इन तीनों के ऊपर फाइनेंशियल फ्रॉड के केसेस हैं, और ये तीनों ही इंडिया से भाग के यूके पहुंच गए हैं, और ये तीन ही नहीं है जो यूके भेज हैं बल्कि आज तक 530 हजार से ज्यादा इंडियन क्रिमिनल्स और पोट्स सर यूके में पॉलिटिकल असाइनमेंट ले चुके हैं

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कहने के लिए तो यूके और इंडिया के बीच में 1992 से एक्सट्रैडिशन 3D साइन हुई थी जिसके अंडर अगर इंडियन गवर्नमेंट किसी क्रिमिनल या frostral को वापस लाना चाहे तो प्रोसीजर फॉलो करके वो ऐसा कर सकती है बट 1992 से आज तक सिर्फ एक ही आदमी वापस आया है जिसका नाम है समीर भाई बिनु भाई पटेल दरअसल जब ये फ्रॉड सर इंडिया से भागते हैं तो यूके इनका पूरा स्वागत करता है अगर इनके पास इन्वेस्टमेंट के लिए दो मिलियन पाउंड होंगे और अगर ये 2 मिलियन पाउंड इन्वेस्ट कर दें तो यूके गोल्डन वीजा ही मिल जाता है इसके अलावा यूके में ह्यूमन राइट्स के स्ट्रांग लॉस हैं जिसकी वजह से ये क्रिमिनल्स काफी प्रोटेक्टेड रहते हैं इन फ्रॉड सर और क्रिमिनल्स के यूके आने से यूके के बैंक में काफी बड़ा पैसा आता है और यूके का वेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर इस तरह के मणि लॉन्ड्रिंग को काफी हद तक फैसिलिटेट करता है

Nitish rajput

By Ranjan saha

Ranjan saha self employed offline and social media platforms is part time also intrested in book and fact thanks

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